बुधवार, 10 अप्रैल 2024

SAMDHI SAHEB SHRI YUT TIWARI JU


 

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

भूंखा टोरबा सोयगा,

भूंखा टोरबा सोयगा,  रोटी रोटी कील्ह। महतारी बनबत रहीं, छत मा ठाढे रील।।