सोमवार, 17 मार्च 2025

नवा साल

 भारत के नेरे यजु साम ॠगु अथर्व है।

अपने परिपाटी का हमीं बड़ा गर्व है ।।
कोट कोट बधाई अपना का देस बासिव
आजु अपने देस का नवा साल पर्व है ।।

आबा उनखे बेलहरा का चूना देखाई थे।

 बघेली कविता 
आबा  उनखे  बेलहरा का चूना देखाई थे। 
जुजबी  नहीं   दोउ    जूना     देखाई थे। । 

चपरासी के भरती मा  इंजीनियर ठाढ़ हें 
देस मा  बेरोजगारी का नमूना  देखाई थे। । 

अब एक डालर मा  सतासी का  अबरेज है 
फुक्क फुक्क   करत  वा लूना देखाई थे। । 

 गुंगुआत गोइआरो  मची  गाँव  मा गोहार 
बस्ती का  बियाबान अस सूना  देखाई थे। । 


बरायन  नसाय  गै   कलस  के प्रेम मा 
ओखे  कला  का    गोठा  गूना  देखाई   थे। । । । 
हेमराज हंस - भेड़ा  मैहर 

KAVI SAMMELAN IM MAIHAR 13.09.2026

LALLA MAHRAJ