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शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2025
का बताई की कहां कहां पिरात है
रविवार, 12 अक्टूबर 2025
शंकरलाल तिवारी जी
पंचतत्व में खो गये , श्री युत शंकर लाल।
जनहित के संघर्ष को, रखेगा विन्ध्य सभाल।।
कौन ! सुनेगा ! अब यहाँ, दीन हीन की पीर !
विन्ध्य विदाई दे रहा , भर नैनों में नीर!!
लोकतंत्र जन कंठ की , बन कर रहे अवाज।
जनता के दिल में किया लोक रत्न ने राज।।
शोक ! छा गया विन्ध्य में, थमी समय की चाल!
सादर है श्रद्धांजली , हे! जन नायक लाल !!
शनिवार, 11 अक्टूबर 2025
हे सारद माई करउँ चेरउरी।
हे सारद माई करउँ चेरउरी।
तोही चढ़ाइहौ नरिअर रेउरी।
नहीं जानव मैं छन्द ब्याकरन ।
कबि अस मोरे नहीं आचरन। ।
अइगुन करत बीत मोरी अउरी।
हमूं का आसिरबाद दे मइय्या।
बुद्धि बिबेक से लाद दे मइय्या।।
हे हँसबाहिनी ग्यान कै गउरी ।
सब काही तैं दिहे बुद्धि बर।
मोर तोरे चरनन मा है घर। ।
तउअव मोर मती ही बउरी।
कर दे ग्यान अच्छर कै बरखा।
धोबर जाय पाखण्ड औ इरखा।।
हंस के हिदय बना ले चउरी।
हेमराज हंस
हे सारद माई करउँ चेरउरी
गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025
म ता बेलकुल चुप्प हन उनखर महंती देखि के
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हंस कै जरुरत नहीं उनही ता सुआ चाही। रौंपें खै खोड़इसा ता उनही एक खुआ चाही।। बेमारी से हीच चुकैं हें सगले बैद औ डाकदर बे असर दबा ह...
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सगलेहार उनहिन का पट्टा बना है। औ हमरे खातिर सिंगट्टा बना है।। कुआं के पाट मा जाके देख्या तू कबहूँ पाथर मा रसरी का घट्ट...
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बघेली कबिता ========= का बताई की कहां कहां पिरात है। बैचैन हबै जिउ मन बूढ़त उतरात है।। उनखर फरक रही ही सकारे से बा...

