मंगलवार, 27 जनवरी 2026

चक्र कै आत्मा घुस गै कमल के देह मा।

चक्र कै आत्मा घुस गै कमल के देह मा। 

मीठ खूब खाइन ता फंस गें मधुमेह मा।। 

राजा मांडा घाई हाल होइहैं  हजूर के 

कमंडल फेकय लागें मण्डल के नेह मा।। 

हेमराज हंस  

हंस कै जरुरत नहीं

हंस  कै जरुरत  नहीं  उनही  ता  सुआ चाही। 
रौंपें खै खोड़इसा ता उनही एक  खुआ चाही।। 

बेमारी से  हीच चुकैं हें सगले बैद औ डाकदर 
बे असर  दबा  हैं  ता   रोगी का दुआ   चाही। । 

हांथी अस तरक्की देखि के भोकैं लगें कूकुर कस 
अइसै सब के जीमन मा झरहा  जरतुआ चाही।।

भला बताबा गूलर का ज्वार भाटा से का मतलब 
ओही ता गुजर के निता बस  एकठे  कुआं चाही।। 

घुप्प अँधिआर  होइ  गा कइसा  भरी दुपहरी मा 
कस्यप से कहिद्या  हंस   सुरिज का उआ चाही। । 
हेमराज हंस 
 

KAVI SAMMELAN IM MAIHAR 13.09.2026

LALLA MAHRAJ