शनिवार, 11 अक्टूबर 2025

हे सारद माई करउँ चेरउरी।


 हे  सारद माई  करउँ चेरउरी। 

तोही चढ़ाइहौ नरिअर रेउरी।


नहीं जानव मैं छन्द ब्याकरन ।

कबि अस  मोरे नहीं आचरन।  ।

अइगुन करत बीत मोरी अउरी। 


हमूं का आसिरबाद दे  मइय्या। 

बुद्धि बिबेक से लाद दे मइय्या।। 

हे हँसबाहिनी ग्यान कै  गउरी । 


सब काही तैं   दिहे बुद्धि बर। 

मोर  तोरे  चरनन  मा  है  घर। । 

तउअव  मोर मती ही बउरी। 


कर दे ग्यान अच्छर कै बरखा। 

धोबर जाय  पाखण्ड औ  इरखा।।  

हंस के  हिदय  बना ले चउरी। 

हेमराज हंस 

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भूंखा टोरबा सोयगा,

भूंखा टोरबा सोयगा,  रोटी रोटी कील्ह। महतारी बनबत रहीं, छत मा ठाढे रील।।