गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025

म ता बेलकुल चुप्प हन उनखर महंती देखि के

म ता बेलकुल चुप्प हन उनखर   महंती देखि के। 
पै अपनौ पचे  मउन हन उनखर  कुसंती देखि के।। 

ना  राम  रमउहाल  ना  साहब  सलाम  पैलगी 
हम ता चउआन हन  इरखा कै खंती  देखि के।। 

आसा  ही  राम दै की   बहुरिहैं  अपनव  दिन
 मरय का मन परा थै उनखर जयंती देखि के।। 

केतनेव  क्वारा उजरि  गें  नकली  दबाई मा 
पुलिस लउट आयी गरे मा  बैजन्ती देखि के।। 

फुर कहब  ता  हंस  करू सब दिना रहब 
चुआ थी   लार  इंद्र कै  दमयंती   देखि के।। 
हेमराज हंस  

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