सोमवार, 3 अप्रैल 2023

बघेली साहित्य bagheli sahitya हेमराज हंस : हमहूं तोहरे साथ हयन ननकाना माँगा तुम। ।

बघेली साहित्य bagheli sahitya हेमराज हंस : हमहूं तोहरे साथ हयन ननकाना माँगा तुम। ।: हिसाब  पाई  पाई  आना  आना  माँगा  तुम।  आपन  धरती आपन भेस बाना  माँगा  तुम।।  खालिस्तान  कई  साध  ता कबहूं  पूर न होइ  हमहूं तोहरे साथ हयन न...

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