मंगलवार, 13 सितंबर 2022

पूज विवेकानंद मा है भारत का गर्व।

पूज विवेकानंद मा है भारत का गर्व।
 उनखे बसकट मा रमा जुवा दिवस का पर्व।। 

रचिन विवेकानंद जी एक नबा इतिहास।
 भारत केर महानता का बगरा परकास।। 

जुरे शिकागो मा रहें दुनिया के बिद्वान। 
एक सुर मा ब्वालैं लगें जय जय हिन्दुस्तान।। 

चाह शंकराचार हों चाह विवेका नंद। 
भारत के जसगान का रचिन ऋचा औ छंद।।
कहूं कहूं बूड़ा चढा भरे खेत औ ताल। हमरे बिंध मा चल रही बदरी कै हरताल।।

सोमवार, 2 नवंबर 2015

कुच्छ न पूछा हाल तिवारी : हंस कहैं जे दारू बांटय ओही न दीन्ह्या बोट। ।

कुच्छ न पूछा हाल तिवारी : हंस कहैं जे दारू बांटय ओही न दीन्ह्या बोट। ।: बिना धनी धोरी का है हेन निरधन अउर गरीब।  चाहे ज्याखर राज होय पै बदला नही नसीब। ।  झउआ भर चल रही योजना पै ओखे कउन लेखा मा।  गरीबन का है न...

हंस कहैं जे दारू बांटय ओही न दीन्ह्या बोट। ।

बिना धनी धोरी का है हेन निरधन अउर गरीब। 
चाहे ज्याखर राज होय पै बदला नही नसीब। । 
झउआ भर चल रही योजना पै ओखे कउन लेखा मा। 
गरीबन का है नाव नही पवित्र गरीबी रेखा मा। । 
चाहे जउन गरीब होय पै सबकै समिस्या एक ही। 
सबके आँसू  अंतस पीरा केर तपिस्या एक ही। । 
राजनीत सब दिन चटिस ही पूंजी पति के तरबा। 
औ गरीब के घर का लाइस अपनेन घर का कोरबा। । 
राजनीत का लखा कपट छल की ही केत्ती सूध। 
हमरे घर मा दारू  बांटै अपने घर मा दूध। । 
पी पी  दूध भै राजनीत य देखा केतनी मोट। 
हंस कहैं जे दारू बांटय ओही न दीन्ह्या बोट। । 
हेमराज हंस ----

KAVI SAMMELAN IM MAIHAR 13.09.2026

LALLA MAHRAJ