बुधवार, 1 जून 2022

15 मई 2022

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

भूंखा टोरबा सोयगा,

भूंखा टोरबा सोयगा,  रोटी रोटी कील्ह। महतारी बनबत रहीं, छत मा ठाढे रील।।